नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में PhD प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं एवं अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आज कला संकाय में विरोध प्रदर्शन किया। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करने तथा साक्षात्कार प्रक्रिया में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग की।
ABVP की प्रमुख मांगें हैं कि आवेदन करने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुरूप साक्षात्कार का अवसर प्रदान किया जाए तथा NET एवं PhD प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता प्राप्त अभ्यर्थियों को उचित प्रतिनिधित्व और समान अवसर सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची समय पर जारी की जाए और साक्षात्कार की समय-सारणी पर्याप्त समय पूर्व घोषित की जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को तैयारी करने एवं प्रक्रिया में शामिल होने का उचित अवसर मिल सके। अभाविप ने यह भी मांग की कि PhD प्रवेश प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए और अभ्यर्थियों की शिकायतों का उचित समाधान किया जाए।
इस अवसर पर अभाविप दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई मंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने कहा, “दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। PhD में प्रवेश पाने के लिए मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को प्रक्रिया की अनियमितताओं के कारण अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी स्पष्ट मांग है कि हिंदी विभाग सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार साक्षात्कार का अवसर प्रदान करे, NET एवं PhD पात्र अभ्यर्थियों को उचित प्रतिनिधित्व मिले तथा साक्षात्कार सूची और समय-सारणी समय पर जारी की जाए। विद्यार्थी हितों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। ABVP विद्यार्थियों के अधिकारों एवं शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।”

