‘जल संकट एक गंभीर समस्या एवं समाधान’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन

दरभंगा : विश्व जल दिवस के अवसर पर भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच, दरभंगा द्वारा ‘जल संकट एक गंभीर समस्या एवं समाधान’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन दरभंगा जिला खादी ग्रामोद्योग संघ, लहेरियासराय में भगवती झा की अध्यक्षता में आयोजन की गयी | कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अजित कुमार मिश्र ने कहा की वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट (डब्ल्यूआरआई) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत सहित दुनिया के 25 देशों में जल संकट गंभीर रूप ले चुका है । मिथिला में जल-संकट कई तरह से है, जैसे बाढ़, जल जमाव, सुखाड़, आर्सेनिक और प्रदूषित जल की समस्या के साथ-साथ अब पेय जल संकट भी विकराल रूप से बढ़ रहा है |

इस अवसर 6 जल योद्धाओं को दरभंगा के नागरिक द्वारा सम्मानित किया गया | मो.तसिम नवाब को मोईन पोखर, कन्हैया लाल महतो को अभंडा पोखर, मनोज साह को गामी पोखर, जय शंकर प्रसाद गुप्त एवं कुमारी पलक को राय साहब पोखर को बचाने के लिए किये जा रहे संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया | साथ ही, नागेश्वर दास, मुखिया, सिंघौली पंचायत को अपने पंचायत में तालाब बचाने के प्रयास के लिए सम्मानित किया गया |

वरिष्ठ समाजवादी कार्यकर्ता उमेश रॉय ने मिथिला के जमीन और विभिन्न तरह के जलाशय पर विस्तार से रौशनी डालते हुए कहा की मिथिला के विकास लिए नदी एवं जल प्रबंधन के लिए ठोस निति और कार्यक्रम बनाने की जरुरत है |

प्रो शारदानंद चौधरी ने बेंगलुरु के जल संकट को अवैज्ञानिक विकास का नमूना मानते हुए कहा की भारत में विश्व के लगभग 16 से 17 प्रतिशत आवादी रहती है जबकि इसके पास केवल 4% ही पानी का स्रोत है | उन्होंने जानकारी दी की 1950 में प्रति व्यक्ति भूजल 1500 लीटर था लेकिन अब वह घटकर 25 लीटर हो गया है | इसीलिए इस समस्या का समाधान के लिए समाज और सरकार को मिलकर प्रयास करने की जरुरत है | डॉ अशोक कुमार सिंह ने जल संकट को राजनितिक मुद्दा बनाने की जरुरत पर बल दिए |

संगोष्ठी में उपस्थित सभी जल एवं पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पास किये |
पहला, दरभंगा प्रमंडल के स्तर पर सार्वजनिक जलाशयों का सामाजिक अंकेक्षण किया जाय, खासकर माननीय सर्वोच्च न्यायलय, उच्च न्यायालय, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश और सरकार के आदेश के सन्दर्भ में | दूसरा, जल संकट और इसके समाधान पर एक चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया जाय जिसे सभी राजनितिक दलों से अपने चुनाविघोश्ना पत्र में शामिल के लिए अनुरोध किया जाय | तीसरा कमला के 10 धारा जिसे बाढ़ नियंत्रण के नाम पर बंद कर दिया गया है, उन्हें पुनर्जीवित किया जाय |

सुजित चौधरी, पशु एक्टिविस्ट ने जल संकट से पशु, पक्षी और पशुपालन के ऊपर पड़ने वाले प्रभाव पर जानकारी दी | डॉ विनय कुमार मिश्र, जय शंकर प्रसाद गुप्ता, कृष्ण कुमार सिंह, प्रतिभा झा, प्रो संजय कुमार सहनी, योगेन्द्र यादव, राम सुखित चौधरी, डॉ अमर नाथ ठाकुर, मनोज कुमार यादव, वीणा देवी, उपेन्द्र यादव आदि वाक्ताओं ने प्रकाहंद और पंचायत स्तर पर सघन रूप से जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताये | अभिषेप कुमार झा ने सभी वक्ताओं को धन्यवाद देते हुए छात्र एवं युवाओं को अधिक से अधिक इसभियाँ से जोड़ने के लिए संकल्प किये |

Leave a Comment