अधिवक्ता राशिद खान ने “सिटीजन ख़बर को सराहा कहा यह जो मुद्दा उठाया है, वह बिल्कुल समयोचित और सार्थक है
मुख्तार खाना में बैठने वाले अधिवक्ताओं ने कहा नोटिस नही स्थायी समाधान की ज़रूरत है , साल दर साल बार एसोसिएशन केवल आश्वासन देता है
दरभंगा : सिटीजन आवाज़ की ख़बर का जबरदस्त असर दरभंगा बार एसोसिएशन के सचिव अचानक एक्शन मोड में आ गए। मुख़्तार खाना की खस्ताहाल और जर्जर स्थिति को लेकर जब सिटीजन रिपोर्टर ने कैमरे पर सच्चाई दिखाई और सचिव से जवाब मांगा गया, तो पूरा मामला गरमा गया। दबाव बढ़ते ही बार एसोसिएशन हरकत में आया और आनन-फानन में जर्जर दीवार पर नोटिस चिपका दिया।
नोटिस में साफ लिखा गया है अब कोई भी अधिवक्ता या आम आदमी यहां बैठ नहीं सकता। यानी खतरे की जिम्मेदारी खुद बैठने वालों की होगी। मुख्तार खाना में बैठने वाले अधिवक्ताओं ने कहा नोटिस नही स्थायी समाधान की ज़रूरत है , साल दर साल बार एसोसिएशन केवल आश्वासन देता है

लेकिन बड़ा सवाल ये है क्या सिर्फ नोटिस लगाने से बार एसोसिएशन की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है। दरभंगा कोर्ट अधिवक्ताओं और कर्मियों अब मांग उठा रही है कि जर्जर मुख़्तार खाना को पूरी तरह ढहा कर एक नई आधुनिक इमारत बनाई जाए।

वकीलों और आम लोगों का कहना है कि नोटिस चिपकाने से समस्या हल नहीं होगी जल्द जर्जर भवन पर निर्णय लिया जाए। नोटिस के बावजूद कई अधिवक्ता बैठ रहें है। जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। बार एसोसिएशन को अब जिम्मेदारी लेकर मेंटनेंश या नई बिल्डिंग निर्माण की पहल करनी चाहिए।
अधिवक्ता राशिद खान ने कहा “सिटीजन आवाज़ ने जो मुद्दा उठाया है, वह बिल्कुल समयोचित और सार्थक है। यह रिपोर्ट न केवल अधिवक्ताओं की समस्या को सामने लाती है, बल्कि सुरक्षा और गरिमा से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करती है। अब ज़िम्मेदारी बार एसोसिएशन और प्रशासन की है कि इस जर्जर भवन को नई इमारत में बदला जाए। आगे खान ने कहा सिटीजन आवाज़ की रिपोर्ट ने न सिर्फ एसोसिएशन को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि अब आवाज़ बुलंद हो रही है “जर्जर मुख़्तार खाना खत्म करो, नई इमारत बनाओ!”