दिल्ली विश्वविद्यालय में कल अभाविप की महारैली, 15 हजार छात्रों के जुटने का दावा

Delhi: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), दिल्ली द्वारा कल, 4 नवंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के उद्घोष के साथ एक विशाल छात्र महामार्च का आयोजन किया जा रहा है। इस महारैली में देशभर से 15,000 से अधिक छात्र-छात्राओं के सम्मिलित होने की संभावना है। अभाविप का यह आयोजन उन विघटनकारी एवं अराजक शक्तियों के विरुद्ध एक सशक्त वैचारिक प्रतिरोध है, जो लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति की आड़ में देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं। इस महामार्च के माध्यम से देश का युवा स्पष्ट संदेश देगा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आड़ में राष्ट्रीय एकता, सार्वजनिक संपत्ति और देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अभाविप का आरोप है कि राजनीतिक हताशा से ग्रस्त विपक्ष के कुछ दल तथा CJP जैसे संगठन, जिनकी गतिविधियों और विदेशी वित्तपोषण को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं, सुनियोजित तरीके से देश में अस्थिरता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अभाविप के अनुसार, नेहा बोरा जैसे व्यक्तियों और कुछ वामपंथी संगठनों द्वारा विरोध एवं असहमति के नाम पर जिस प्रकार का विमर्श खड़ा किया जा रहा है, वह देश में संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और व्यवस्था को अस्थिर करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। लोकतंत्र का अर्थ हिंसा, आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अथवा युवाओं को भड़काने की खुली छूट नहीं हो सकता। अभाविप का मानना है कि भारत का युवा किसी भी विदेशी एजेंडे अथवा विभाजनकारी विचारधारा का माध्यम बनने के बजाय राष्ट्र निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह महामार्च ऐसी ही शक्तियों की विचारधारा और उनके कथित विभाजनकारी एजेंडे के विरुद्ध युवाओं की एकजुट आवाज बनेगी।

अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य टकियार ने कहा कि “भारत जैसे सशक्त लोकतांत्रिक राष्ट्र में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है, न कि अराजकता और अस्थिरता के माध्यम से। विपक्ष और CJP जैसे संगठनों पर विदेशी प्रभाव एवं देश में अस्थिरता को बढ़ावा देने से जुड़े जो गंभीर सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब देश को मिलना चाहिए। नेहा बोरा जैसे व्यक्तियों और विभाजनकारी विचारधाराओं के माध्यम से युवाओं को भ्रमित करने के प्रयासों का अभाविप वैचारिक स्तर पर पुरजोर विरोध करती है। कल दिल्ली विश्वविद्यालय की सड़कों पर 10,000 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी यह संदेश देगी कि भारत का युवा लोकतंत्र की रक्षा, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी निष्ठा किसी राजनीतिक एजेंडे के प्रति नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और मां भारती के प्रति है।”

अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि “आज कुछ ताकतें वैचारिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों के नाम पर अराजकता को सामान्य बनाने तथा देश की स्थिरता को चुनौती देने का प्रयास कर रही हैं। विपक्ष और उसके समर्थन में सक्रिय संगठनों को यह समझना होगा कि भारत का युवा अब केवल दर्शक बनकर ऐसी गतिविधियों को नहीं देखेगा। हम Gen Z हैं, हमारा राष्ट्रवाद सोशल मीडिया के किसी हैशटैग तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी, प्रतिबद्धता और कर्तव्यबोध का प्रतीक है। हमें देश में बदलाव लाने के लिए विदेशी एजेंडों, हिंसा और आगजनी की नहीं, बल्कि रचनात्मक विचारों, सकारात्मक आंदोलनों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की आवश्यकता है। कल दिल्ली विश्वविद्यालय में उमड़ने वाला विद्यार्थियों का जनसैलाब यह सिद्ध करेगा कि युवा शक्ति किसी भी विघटनकारी विचारधारा के सामने झुकने वाली नहीं है।”

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि “दिल्ली विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि देश को दिशा देने वाले विचारों और नेतृत्व के निर्माण की भूमि है। यहां के विद्यार्थियों को किसी भी राजनीतिक अथवा विघटनकारी एजेंडे का मोहरा बनाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी। जो लोग राष्ट्रीय संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें कल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र समुदाय एक स्पष्ट और सशक्त जवाब देगा। ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि परिसर की शैक्षणिक गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की रक्षा का हमारा संकल्प है। हम विश्वविद्यालय परिसरों को हिंसा, वैमनस्य और अराजकता का केंद्र नहीं बनने देंगे तथा ‘भारत प्रथम’ की भावना के साथ विद्यार्थियों के हितों और राष्ट्र की गरिमा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।”

अभाविप दिल्ली द्वारा आयोजित यह विशाल छात्र महारैली दिल्ली विश्वविद्यालय में राष्ट्र की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत गरिमा के पक्ष में विद्यार्थियों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन होगी। अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देशभर के विद्यार्थियों से इस महारैली में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया है।

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