Darbhanga : दरभंगा में केंद्रीय विद्यालय -3 (एम्स) को प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति पर सांसद ने जताया हर्ष
भारत सरकार के द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सर्व सुलभ बनाने के लिए अक्टूबर 2025 में 57 नए केंद्रीय विद्यालयो की मंजूरी दी गई थी जिसके अंतर्गत दरभंगा जिले में केंद्रीय विद्यालय -3 (एम्स) को भी मंजूरी दी गई थी। अब इस केंद्रीय विद्यालय को प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दिया जाना केंद्र की मोदी सरकार की ऐतिहासिक पहल है। केंद्र की एनडीए सरकार की इस पहल की जितनी सराहना की जाए वह कम।
स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर जी ने केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्मय पर प्रसन्नता जताते हुए कहा है कि अभी कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई हनुमाननगर प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय कोलहंटा पटोरी में संचालित की जाएगी तथा प्रारंभ किए जाने की सभी औपचारिकताओं को एक माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
सांसद डा ठाकुर ने दरभंगा को भारतीय ज्ञान परंपरा की उर्वरा भूमि बताते हुए कहा कि मिथिला क्षेत्र खासकर दरभंगा जिले की शैक्षणिक गरिमा को वापस लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है।
सांसद डा ठाकुर ने ने दरभंगा में शिक्षा तथा शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे पहल और प्रयासो की चर्चा करते हुए कहा कि हनुमाननगर प्रखंड के निर्माणाधीन एम्स के निकट तथा गोढइला मौजा के पटोरी में भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत केंद्रीय विद्यालयो के आधारभूत संरचना निर्माण तथा पठन पाठन को शुरू किए जाने के लिए में तेजी लाने तथा शैक्षणिक कार्यों को शीघ्र शुरू करने के लिए उन्होंने सांसद बनने के बाद से ही लगातार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तथा संबंधित अधिकारियों से भेंट कर कई बार इस आशय का आग्रह पत्र दिया था जिसका सकारात्मक परिणाम धरातल पर साकार हो रहा है तथा आगे भी सामने आयेगा।
सांसद डा ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा निर्माणाधीन एम्स के निकट स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय 3 के लिए आधारभूत संरचना के निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्यों को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करने दिया गया निर्णय यहां के लिए वरदान साबित होगा।
सांसद डा ठाकुर ने केंद्र सरकार के इस पहल के लिए केंद्र सरकार प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मिथिला क्षेत्र में ज्ञान परंपरा तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मुद्दे पर मोदी सरकार गंभीर है जिसका परिणाम समाने है।