Darbhanga : मारवाड़ी महाविद्यालय में शिक्षक संघ (एल.एन.मूटा) का ग्यारहवाँ परिनियत सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉo) संजय कुमार चौधरी मुख्य अतिथि सह मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। परिनियत सम्मेलन की अध्यक्षता एल.एन.मूटा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार शाह ने की, जबकि कार्यक्रम का आयोजन मारवाड़ी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. लक्ष्मण प्रसाद जायसवाल के आतिथ्य में संपन्न हुआ।
उद्बोधन सत्र में डॉ. अरुण कुमार (महासचिव, AIFUCTO), प्रो. अमरेश शांडिल्य (संरक्षक, एल.एन.मूटा), डॉ. बैधनाथ चौधरी (अभिषद सदस्य, एल.एन.एम.यू.), विनय कुमार झा (प्रक्षेत्रीय मंत्री, कर्मचारी संघ), डॉ. अशोक कुमार (अध्यक्ष, AIFUCTO) तथा डॉ. कन्हैया जी झा (आयोजन सचिव सह महासचिव, एल.एन.मूटा) सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय परिवार की ओर से पाग, चादर, पौधा एवं किट-बैग प्रदान कर किया गया। स्वागत भाषण देते हुए आतिथेय प्रधानाचार्य प्रो. लक्ष्मण प्रसाद जायसवाल ने शोध एवं नवाचार के महत्त्व पर बल देते हुए शिक्षकों के मूल कर्तव्यों का पुनर्स्मरण कराया। आयोजन सचिव सह महासचिव डॉ. कन्हैया जी झा ने परिनियत सम्मेलन में सहभागिता हेतु कुलपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मेलन भावी पीढ़ी के निर्माण का महत्त्वपूर्ण मंच है।
मुख्य अतिथि सह मुख्य संरक्षक कुलपति प्रो. (डॉo)संजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक संघ की नई पीढ़ी के निर्माण की दिशा में यह सम्मेलन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से संगठन को नई दिशा मिलेगी तथा विभिन्न गतिरोधों की समाप्ति में भी यह मंच सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभवों से लाभ उठाने की बात कही।
AIFUCTO के महासचिव डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय ने पूरे बिहार को शैक्षणिक दिशा प्रदान की है तथा वर्तमान समय में एक समझदार और संघर्षशील नेतृत्व की आवश्यकता है। अभिषद सदस्य डॉ. बैधनाथ चौधरी ने पदोन्नति से वंचित शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति देने का आग्रह किया। संरक्षक प्रो. अमरेश शांडिल्य ने नई कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा करते हुए विश्वविद्यालय की बौद्धिक परंपरा को आगे बढ़ाने में अगली पीढ़ी की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा ने समन्वित कार्य-संस्कृति पर बल दिया। AIFUCTO के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने शिक्षक एकता को संगठन की मजबूती का आधार बताया।
उद्घाटन सत्र का समापन एल.एन.मूटा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार शाह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अरविंद झा, विभागाध्यक्ष (मैथिली) सह परीक्षा नियंत्रक सह सचिव शिक्षक संघ तथा डॉ. सुनीता कुमारी, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र सह एन.एस.एस. समन्वयक, मारवाड़ी महाविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के बर्सर डॉ. अनुरुद्ध सिंह, पूर्व बर्सर डॉ. अवधेश प्रसाद यादव, डॉ. सुभाष कुमार सुमन, डॉ. गजेंद्र भारद्वाज, डॉ. प्रिया नंदन, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. चंदन भारद्वाज, डॉ. गुरुदेव शिल्पी, डॉ. शैलजा, डॉ. बी.डी. मोची, डॉ. हेना गौहर, डॉ. सुषमा भारती, डॉ. ललन कुमार, डॉ. संतोष कुमार राय, डॉ. मुकेश प्रसाद, डॉ. जॉनी एमेनुअल टिर्की, डॉ. अभय कुमार पाठक, डॉ. श्यामानंद चौधरी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रवि कुमार राम, डॉ. पूजा यादव, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. मुश्ताक, डॉ. ए.बी. वर्मा सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।
इसके अतिरिक्त कार्यालय प्रमुख विजय कुमार, लेखापाल श्आनंद शंकर, सौरभ सुमन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा एन.एस.एस. के स्वयंसेवक पिंटू कुमार, नीलेश, गिरिराज, नेहा, आदित्य सहित अन्य छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सम्मेलन की आयोजन व्यवस्थाओं में डॉ. अमरेंद्र कुमार झा सहित सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में यह जानकारी दी गई कि शिक्षक संघ (एल.एन.मूटा) के परिनियत सम्मेलन की चुनावी प्रक्रिया जारी है।

