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Darbhanga : आत्मनिर्भता के लिए व्यवसायिक शिक्षा मील का पत्थर : प्रो० मुश्ताक

सी०एम० कॉलेज में व्यवसायिक शिक्षा के महत्व पर कार्यशाला

दरभंगा : 25 अप्रैल- अब यह सत्य किसी से छुपा हुआ नहीं है कि देश के सभी डिग्रीधारी को सरकारी नौकरी प्राप्त नहीं हो सकती। क्योंकि हमारी जनसंख्या की तुलना में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं। इसलिए अब पारम्परिक डिग्रीयों के साथ-साथ व्यवसायिक डिग्री प्राप्त करने वाले युवा न केवल स्वंय रोजगार प्राप्त करने में कामयाब होंगे बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के रास्ते खोल सकते हैं।

उक्त बातें प्रो० मुश्ताक अहमद, प्रधानाचार्य सी०एम० कॉलेज, दरभंगा ने कही। प्रो० अहमद कॉलेज में “व्यवसायिक शिक्षा का महत्व” पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब जबकि निजि क्षेत्रों में रोजगार के अवसर अधिक हैं इसलिए शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे कोसों की पढ़ाई आवश्यक है जिसकी बुनियाद पर हमारे छात्र रोजगार हासिल कर सकें। डॉ० अहमद ने कहा कि इसी आवश्यकता को देखते हुए कॉलेज में चार सर्टिफिकेट कोर्सों में नामांकन प्रारम्भ किया जा रहा है। उनमें डिजिटल मार्केटिंग, कम्प्यूटर अकाउटिंग एण्ड टेक्सेशन, आटीफिशियल इन्टलिजेन्स और डाटा एनालाईसिस का सर्टिफिकेट कोर्स शामिल है। इन सभी कोर्सों को विश्वविद्यालय से मान्यता मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि स्नातक और स्नातकोत्तर में पढ़ने वाले छात्र/छात्रायें इन कोर्सों में नामांकन लेकर अपना भविष्य रौशन कर सकते हैं क्योंकि आज के समय में यह सभी कोर्स मील के पत्थर के समान है। प्रारम्भ में प्रो० अशोक कुमार पोद्दार ने सभी कोर्सों के महत्व और आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वाणिज्य के विभागाध्यक्ष प्रो० ललित शर्मा ने देश में इन कोर्सों की बढ़ती मॉग को उजागर किया जबकि डॉ० रितिका मौर्या, डॉ० दिव्या शर्मा, डॉ० मो० नदीम और डॉ० शाकिर आलम ने इन चारों कोर्सों की तकनीकी जानकारियाँ दीं। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र/छात्रायें उपस्थि थे। ज्ञातव्य हो कि हाल ही में कुलपति प्रो० संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एकेडमिक कॉन्सिल एवं सिनेट के द्वारा सी०एम० कॉलेज में इन चारों कोर्सों की पढ़ाई प्रारम्भ करने की मंजूरी दी गई है।

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