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Darbhanga शौचालय से सटकर बन रहा श्यामा भोग प्रसाद ! स्वच्छता और प्रसाद की पवित्रता को लेकर उठ रहे सवाल

दरभंगा । शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्यामा माई मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है । बीते कुछ दिनों से मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समुचित पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बैठने, पार्किंग और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सबसे गंभीर मामला श्याम भोग प्रसाद के निर्माण स्थल को लेकर बताया जा रहा है।

श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर में श्याम भोग प्रसाद जिस स्थान पर तैयार किया जाता है, वह शौचालय की दीवार से बिल्कुल सटा हुआ है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े प्रसाद का निर्माण ऐसे स्थान पर होना स्वच्छता और धार्मिक भावनाओं के लिहाज से गंभीर सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि जिस प्रसाद को श्रद्धालु श्रद्धा के साथ ग्रहण करते हैं, उसके निर्माण स्थल की साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

न्यास समिति के अध्यक्ष ने कहा कि अस्थायी व्यवस्था के तहत इस स्थान का इस्तेमाल श्यामा भोग प्रसाद निर्माण के लिए किया गया था, लेकिन जल्द ही स्थान को बदल दिया जाएगा। अध्यक्ष ने दावा किया कि अयोध्या ओर महावीर स्थान से अच्छा है श्यामा भोग प्रसाद ।
सवाल है कोरोना काल समाप्त होने के बावजूद यह व्यवस्था पिछले कई महीनों से अभी तक जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी नियमित देखरेख नहीं हो रही है और न्यास प्रबंधन की ओर से प्रसाद निर्माण के लिए अलग एवं स्वच्छ स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल नहीं की जा रही है।

मंदिर परिसर में श्यामा चिकित्सालय और श्यामा विश्रामालय के भवन भी मौजूद हैं, लेकिन इनके संचालन और सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्किंग और पर्याप्त सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत भी है।

न्यास समिति के पूर्व प्रबंधकों से मिली जानकारी के हवाले से मंदिर को दान और चढ़ावे से करोड़ों रुपये की वार्षिक आय तथा बैंक में एफडी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर न्यास समिति के पदेन सचिव सह जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।

पूरे मामले पर श्यामा माई मंदिर न्यास समिति सदस्यों ओर प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रभारी प्रबंधक एवं सदस्यों ने मीडिया से बात करने में असमर्थता जताई। श्रद्धालुओं की मांग है कि प्रशासन और धार्मिक न्यास पर्षद पूरे मामले की जांच कर प्रसाद निर्माण स्थल समेत मंदिर की सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराए।

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