DARBHANGA अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य हेतु महिलाओं को सम्मानित किया गया

दरभंगा : आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन तथा कला एवं संस्कृति विभाग,महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वावधान में अम्बेडकर सभागार में कार्यक्रम आयोजित ।

यह कार्यक्रम जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकार,सम्मान और समानता के प्रति समाज को जागरूक करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करना।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व, सामाजिक सेवा तथा प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित की गई।
उक्त कार्यक्रम में सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सामूहिक सहयोग के माध्यम से महिलाएं समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला रही हैं। जिला पदाधिकारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, पुलिस सेवा, उद्यमिता तथा सामाजिक कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
महिला सशक्तिकरण आधी आबादी को पूरा हक है ।महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बिहार सरकार कृत संकल्पित है ।महिलाओं के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कई प्रकार की लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है ,जिसमें मुख्य रूप से सिविल सेवा प्रोत्साहन
योजना ,मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना ,सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना ,मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आदि है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन ने सभी महिलाओं को हार्दिक शुभ कामनाएं।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जीविका दीदियां ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं और परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे बढ़ें।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी,आईसीडीएस श्रीमती चांदनी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जब एक महिला शिक्षित होती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से बालिकाओं को विद्यालयों से जोड़ने तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, महिला अधिकार, पोषण, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मिशन शक्ति, महिला एवं बाल विकास निगम की योजनाएं, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वीमेन ,वन स्टॉप सेंटर,इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने,उन्हें आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक डीपीएम डॉ.ऋचा गार्गी ने अपने संबोधन में कहीं ,जीविका कार्यक्रम के माध्यम से जिले की हजारों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जीविका दीदियां आज स्वरोजगार, उद्यमिता तथा सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, प्रतिभागियों तथा सम्मानित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि महिलाओं के सम्मान,सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन तथा सभी संबंधित विभाग मिलकर निरंतर कार्य करते रहेंगे।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, कर्मियों, जीविका से जुड़ी महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार, प्रियंका कुमारी (वरीय उप समाहर्ता), वृषभानु चंद्रा, अमृता कुमारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य), महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम), जिला मिशन समन्वयक (DHEW), लैंगिक विशेषज्ञ सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
साथ ही इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी,विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास निगम, बाल विकास परियोजना कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग,शिक्षा विभाग, पीएचईडी विभाग के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
विशेष रूप से कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी महिलाओं (जीविका दीदियों), पीएचईडी विभाग की महिला पम्प ऑपरेटरों, शिक्षा विभाग की शिक्षिकाओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

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