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KSDSU संस्कृत यूनिवर्सिटी दीवानी तकिया ‘आउटडोर स्टेडियम” की जमीन भारत गैस को देने पर सीनेट सदस्य ने जताई आपत्ति

CITIZEN AWAZसीनेट सदस्य डॉ. अंजीत चौधरी ने कहा—दान की शर्तों के विपरीत है समझौता, रद्द हो विश्वविद्यालय अपनी जमीन की रक्षा करे

दरभंगा । कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एवं लोकभवन नामित डॉ. अंजीत चौधरी ने विश्वविद्यालय के अधीन दीवान तकिया स्थित जमीन को भारत गैस को दिए जाने के मामले पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उक्त जमीन दरभंगा महाराज द्वारा विश्वविद्यालय को दान में दी गई थी। दान का उद्देश्य संस्कृत एवं प्राच्य भाषाओं के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और जागृति से जुड़ा हुआ था।
डॉ. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि विश्वविद्यालय को स्टेडियम निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई थी और प्रस्तावित स्टेडियम का शिलान्यास भी हो चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालय की जमीन की सुरक्षा एवं उसके मूल उद्देश्य की रक्षा करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीवान तकिया की जमीन को भारत गैस को दिए जाने संबंधी समझौता दरभंगा महाराज द्वारा किए गए दान की मूल भावना और शर्तों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का निर्णय विश्वविद्यालय के हितों के साथ-साथ संस्कृत प्रेमियों और संस्कृत जगत के साथ भी अन्याय है।
डॉ. चौधरी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि भारत गैस के साथ किए गए समझौते की समीक्षा कर उसे तत्काल रद्द किया जाए तथा जमीन के उपयोग को दान की मूल शर्तों एवं विश्वविद्यालय के उद्देश्य के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो वे पूरे मामले को महामहिम कुलाधिपति के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की संपत्ति एवं दरभंगा महाराज की दान की गई जमीन की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है और वर्तमान कार्रवाई घोर निंदनीय है।

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