दरभंगा : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के अन्तर्गत शिक्षा शास्त्र विभाग में आज राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन के तहत सर्व जन दवा सेवन अभियान के अवसर पर “जन जागरूकता कार्यक्रम “में शिक्षा शास्त्र विभाग के निदेशक सह कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा.घनश्याम मिश्र के अपने उद्वोधन में कहा कि छात्र स्वयं जागरूक होकर लोगों को जागरूक करें।उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जिसके लिए हमलोगों को सावधान रहना है ।उन्होंने शास्त्रों में दिए गए कई उद्धरण के द्वारा इसके निदान को समझाया ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम-समन्वयक डॉ सुधीर कुमार झा ने अपने उद्वोधन में कहा कि “साबधानी एवं इलाज ही फाइलेरिया का एक मात्र बचाव का उपाय है ।उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो फ्यूलेक्स,मैनसोनाइडिस एवं वेक्टर मच्छर काटने से फैलता है।इसे बोल चाल की भाषा में हाथी पाँव कहा जाता है ।मच्छर के काटने के वर्षों बाद इसके लक्षण दिखते हैं जो माइक्रो फाइलेरिया के रूप में लिम्फेटिक में प्रवेश कर प्रभावित क्षेत्र को स्थायी रूप से विकलांग कर देते हैं ।इससे बचने के लिए हमें जन जागरूकता फैलाने की ज़रूरत है ।लोगों को दबा सेवन करने हेतु जागरूक कर ,आस पास गंदा पानी का जमाव को रोकना,मच्छर दानी का प्रयोग कर इससे बचा जा सकता है।कार्यक्रम में डॉ रामानन्द झा,डॉ प्रीती रानी,डॉ अमन कुमार,अनामिका,कुन्दन,संजीव कुमार,गोपाल कुमार महतो,श्रीधर कुमार,राकेश कुमार,जूही ,दीक्षा,रजनी एवं रविकान्त कुमार ने अपने-अपने विचार रखे ।कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम पदाधिकारी श्री पवन सहनी द्वारा किया गया ।