दरभंगा : आज दिनांक 23/02/2024 को डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय अंतर्गत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बिरौल के प्रक्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्र जाले दरभंगा के द्वारा जलवायु अनुकूल खेती पर एक क्रमशाला एवं दक्षता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया l इसमें मुख्य अतिथि माननीय सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ,डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय निदेशक अनुसंधान डॉ अनिल कुमार सिंह, सह निदेशक अनुसंधान डॉ एस के ठाकुर, कृषि विज्ञान के जाले दरभंगा के अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर, कृषि विज्ञान केंद्र मधुबनी के अध्यक्ष डॉ एस के गंगवार, वैज्ञानिक दिनेश राय, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बिरौल के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ साजिद हुसैन, सहायक निदेशक उद्यान नीरज कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुमारी कविता एवं जन प्रतिनिधि श्री संजय पासवान उपस्थित थेl इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई साथी जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहे फसल को नुकसान को कम करने पर बल दिया गया दिया गयाl इस कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति उप योजना के अंतर्गत विभिन्न उपादानों का वितरण भी किया गयाl कार्यक्रम में उपस्थित किसान एवं जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार के बीते दस साल के कार्यकाल में किसानों के कल्याण और कृषि के विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश भर के 11 करोड़ किसानों को छः हजार रुपया सहायता राशि दी जा रही है और किसानों को पेंशन देने के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत की गई है। वहीं दस हजार एफपीओ के गठन एवं संवर्धन के लिए केंद्रीय क्षेत्रक योजना की शुरुआत की गई है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के एक लाख करोड़ रुपए के कृषि अवसंरचना कोष बनाया गया है। सांसद ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना,प्रधानमंत्री कुसुम योजना, पीएम किसान मानधन योजना,राष्ट्रीय कृषि बाजार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, पशुधन बीमा योजना, सहित अन्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार विभिन्न कृषि योजना के माध्यम से आय के नए श्रोत का सृजन कर किसानों के आर्थिक विकास और सामाजिक सुरक्षा के नए द्वार खोल रही है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषि बजट को 2013-14 के मुकाबले 5.6 गुना बढ़ चुकी है। जो दर्शाता है कि मोदी सरकार किसानों के समग्र के लिए भी संकल्पित हैं। सरकार का विजन और नीति बहुत ही स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में सरकार द्वारा भेजे गए 100 पैसा में से जनता के पास मात्र 15 पैसा पहुंचता था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी गरीबों को सौ पैसे भेजते हैं तो पूरा सौ पैसा गरीबों के पास पहुंचता है। सांसद ने कहा कि मखाना के विकास और ग्लोबल मार्केटिंग के लिए भारत सरकार ने केंद्रीय बजट में दस हजार करोड़ रुपए के बजट प्रावधान किया है और मखाना अनुसंधान केन्द्र दरभंगा को कई दशक बाद पुनः राष्ट्रीय दर्जा देने के साथ निदेशक की नियुक्ति करने का कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मिथिला के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मखाना का जीआई टैग मिथिला मखाना के नाम से करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
उन्होंने क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान बिरौल के विकास के लिए माननीय सांसद द्वारा हर संभव प्रयास करने की घोषणा भी की गई साथी किसानों को मखाना सिंघाड़ा एवं मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कहां गयाl कृषि विज्ञान केंद्र जाले दरभंगा के अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर ने इस क्षेत्र के किसानों को कृषि के विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम करने एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों के लिए चल रहे विभिन्न योजनाओं को इस क्षेत्र के किसान तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कहीl
मणिकांत मिश्र, मुनीन्द्र यादव, विनय पासवान, माधव चौधरी, अजय बिरौलिया, महावीर सिंह, सुबित पाठक, सीताराम जी, अमित कुमार सिंह, राजकुमार
सहनी, रंजीत झा, घनश्याम चौधरी, अवधेश पासवान, दिनेश यादव, संजय झा, राम भजन पासवान, शंभू चौधरी, रामनाथ सहनी, अश्विनी सारंगी, गंगा पासवान, भगवान ठाकुर, रतन सहनी, सुनील झा